➤ चंबा का ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला धूमधाम से शुरू
➤ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने किया शुभारंभ, मिंजर ध्वज फहराया
➤ प्रदर्शनियों का उद्घाटन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में आज से प्रसिद्ध और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला पारंपरिक श्रद्धा और धूमधाम के साथ आरंभ हो गया। मेले का शुभारंभ राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भगवान लक्ष्मीनारायण और रघुवीर महाराज को मिंजर अर्पित करके किया। बता दें कि मिर्जा परिवार द्वारा बनाई गई मिंजर को मंदिर में चढ़ाने के बाद मेले के कारज शुरू हुए। यह मेला हिंदू और मुस्लिम भाईचारे का प्रतीक है और इस मेले में मिर्जा परिवार के सदस्य मिंजर बनाते हैं, जो कि मक्के के फूलों की तरह होती है। मेला एक सप्ताह तक चलेगा और इसमें हिमाचली संस्कृति, लोककला और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
शोभायात्रा की शुरुआत चंबा नगर पालिका से होकर प्राचीन लक्ष्मीनारायण मंदिर तक पहुंची, जहां से यह यात्रा रघुवीर मंदिर और फिर हरिराय मंदिर पहुंची। वहां राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान के चरणों में मिंजर अर्पित कर पारंपरिक रस्म अदा की।
इसके पश्चात महामहिम ने मिंजर मेले के प्रतीक ‘मिंजर ध्वज’ को फहराकर मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इसके उपरांत उन्होंने चौगान मैदान में विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय शिल्पकारों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनों का उद्घाटन रिबन काटकर किया।
अपने संबोधन में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेशवासियों को मिंजर महोत्सव की शुभकामनाएं दीं और कहा कि चंबा जिला अपनी सांस्कृतिक धरोहर, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व विख्यात है। उन्होंने कहा कि मिंजर मेला न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है।
राज्यपाल ने कहा कि मेलों के आयोजन से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने राज्य में हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से हुई जनहानि पर चिंता जताते हुए संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, चंबा सदर के विधायक नीरज नय्यर, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उपस्थित रहे।



